बॉलीवुड का खुबसूरत ही मैन -धर्मेन्द्र

दिलीप कुमार ने उन्हें अवार्ड देते हुए कहा की अगर मुझे दुबारा जिन्दगी मिली तो मै धर्मेन्द्र जैसा हेंडसम बनना पसंद करूँगा.उनकी ये बात सुनकर धर्मेन्द्र की आँखों से ख़ुशी के आंसू छलक पड़े.उन्हें जिन्दगी में पहली बार फ़िल्मी अवार्ड मिला वो भी उनके पसंदीदा अभिनेता दिलीप कुमार के हाथों.
70 के दशक में धर्मेन्द्र को दुनिया के सबसे खूबसूरत मर्दों में से एक चुना गया था. यह सम्मान पाने वाले वह भारत के पहले शख्स थे. उनके अलावा यह सम्मान सिर्फ सलमान खान के पास है.क्‍लासिक युग के सबसे खूबसूरत अभिनेता और विश्व लौह पुरूष का खिताब जीत चुके धर्मेंद्र आज भी फिल्‍म उद्योग में अपनी शैली और प्रदर्शन के कारण लोकप्रिय बने हुए है.दिलीप कुमार उनके प्रेरणा स्त्रोत रहे हैं.धर्मेन्द्र आज भी अपने आप को दिलीप कुमार का सबसे बड़ा फेन मानते हैं.वो हमेशा अपने आप में दिलीप कुमार को तलाश करते.
धर्मेन्द्र की बायोग्राफी 
8 दिसम्बर, 1935 को साहनेवाल, पंजाब में जन्मे धर्मेन्द्र ने शुरू से ही अभिनेता बनने का ख्वाब देखा था. पंजाबी जाट परिवार से संबंधित धर्मेंद्र का पूरा नाम धर्मेंद्र सिंह देओल है. धर्मेंद्र ने अपना शुरूआती बचपन फगवाड़ा, कपूरथला में व्यतीत किया.
इनके पिता केवल किशन सिंह देओल लुधियाना के गांव लालटन के एक स्कूल में हेडमास्टर थे. कुछ समय बाद धर्मेंद्र अपने परिवार के साथ कपूरथला रहने चले गए. धर्मेंद्र का कहना है कि जब वो 9वीं क्लास में थे तो पहली बार लुधियाना में दिलीप कुमार की फिल्म देखी। फिल्म देखकर जब वो बाहर निकले तो उन्हें कुछ अलग तरह का अहसास होने लगा। उसी समय उन्होंने फैसला किय़ा कि वो एक्टिंग के फील्ड में कदम आजमाएंगे। धर्मेन्द्र के पिता जी स्कूल टीचर थे इसलिए पिता के सामने तो वो अपनी बात नहीं रख पाए। लेकिन अपनी मां को उन्होंने कह दिया कि वो एक्टर बनना चाहते हैं और मुंबई जाएंगे. स्कूल के समय से ही उन्हें फिल्मों का इतना चाव था कि वह क्लास में पहुंचने के बजाय सिनेमा हॉल में पहुंच जाया करते थे. फिल्मों में प्रवेश से पहले वह रेलवे में क्लर्क थे.
फ़िल्मी  कैरियर 
1961 में उन्हें दिल भी तेरा हम भी तेरे फिल्म में पहला मौका मिला. तब से उनकी 240 से अधिक फिल्में आ चुकी हैं. इन फिल्मों में धर्मेन्द्र ने हर किस्म के रोल किए. धर्मेन्द्र की हर छवि दर्शकों को अच्छी लगी. आश्चर्य है कि इस बहुमुखी प्रतिभा के धनी एक्टर को अधिक पुरस्कार और सम्मान नहीं मिले.एक रोमांटिक हीरो से एक्शन हीरो तक का सफर धर्मेन्द्र ने बहुत ही बेहतरीन तरीके से गुजारा. उन्होंने अपने शुरूआती समय में लगभग सभी बेहतरीन अभिनेत्रियों जैसे नूतन, मीना कुमारी, सायरा बानो आदि के साथ अभिनय किया. लेकिन उनकी सबसे अच्छी जोड़ी बनी हेमा मालिनी के साथ जो बाद में उनकी पत्नी बनीं. दोनों ने कई सुपरहिट फिल्मों में काम किया जिनमें राजा जानी, सीता और गीता, तुम हसीन मैं जवां, दोस्त, चरस, मां, चाचा भतीजा और शोले प्रमुख हैं.धर्मेन्द्र को सबसे ज्यादा “सत्यकाम” और “शोले” में अभिनय करने के लिए याद किया जाता है. अपने कॅरियर में धर्मेन्द्र ने हर किस्म के रोल किए. रोल चाहे फिल्म सत्यकाम के सीधे-सादे ईमानदार हीरो का हो, फिल्म शोले के एक्शन हीरो का हो या फिर फिल्म चुपके चुपके के कॉमेडियन हीरो का, सभी को सफलतापूर्वक निभा कर दिखा देने वाले धर्मेंद्र सिंह देओल अभिनय प्रतिभा के धनी कलाकार हैं.हर तरह की सफलता के बाद भी धर्मेन्द्र उन दो हस्तियों को आज तक नहीं भूल पाए हैं, जिन्होंने पहले साल ही उनके कंधे पर हाथ रखकर आश्वस्त कर दिया था कि वह एक दिन मशहूर होंगे. आज भी धर्मेन्द्र दिलीप कुमार और देव आनंद से अपनी पहली मुलाकात का जिक्र करते समय किलकारियां भरने लगते हैं। निर्दोष मुस्कराहट उनके होठों पर आ जाती है. पिछले दिनों अपनी नई फिल्म अपने के म्यूजिक रिलीज समारोह में उन्होंने दिलीप कुमार और देव आनंद को विशेष आग्रह के साथ बुलाया था. उनकी मौजूदगी में धर्मेन्द्र के उल्लास का बखान शब्दों में नहीं किया जा सकता. शायद वे धन्यवाद दे रहे थे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की उन विभूतियों को, जिन्होंने संघर्ष की घनी धूप में आते ही प्यार की छांव दी थी.हिन्दी में वार्तालाप करते समय अंग्रेजी शब्दों के उच्चारण को कतई उचित न समझने वाले प्यारेमोहन से जो एक बार मिला हो, वह उसे कभी भूल सकता है भला! ऋषिकेश मुखर्जी की 'चुपके-चुपके' (1975) हर उस सूची में शामिल होती है जो हिन्दी सिनेमा की श्रेष्ठतम कॉमेडी फिल्मों को गिनाने के लिए बनाई जाती है
फिल्म फूल और पत्थर ने उन्हें ही-मैन बन गया.19 वर्ष की आयु में धर्मेंद्र का विवाह प्रकाश कौर के साथ संपन्न हुआ. फिल्म अभिनेता सन्नी देओल और बॉबी देओल इन्हीं के बेटे हैं. फिल्‍मों में धरमपाजी मारधाड़ के बादशाह के नाम से भी जाने जाते हैं.
धर्मेन्द्र मीना कुमारी की प्रेम कहानी 
बॉलिवुड में उनके प्रेम के किस्से मशहूर हैं जैसे मीना कुमारी के साथ प्रेम प्रसंग.बॉलिवुड में आते ही उन्हें मीना कुमारी जैसी स्थापित अभिनेत्री के साथ काम करने का अवसर मिला.फिल्मों में साथ अभिनय करते-करते धर्मेंद्र और मीना कुमारी एक दूसरे को चाहने लगे. लेकिन विडंबना देखिए उस समय मीना कुमारी कमाल अमरोही से शादी कर चुकी थीं और धर्मेंद्र तो विवाह करने के बाद ही फिल्मों में आए थे. मगर फिर भी धर्मेंद्र और मीना कुमारी एक-दूसरे के साथ समय बिताते और अपनी भावनाएं बांटते थे. धर्मेंद्र के साथ मीना कुमारी का संबंध लगभग तीन साल तक चला. लेकिन जैसे ही धर्मेंद्र को कामयाबी मिलने लगी वह मीना कुमारी को भी भूल गए. ज्यादा पीने की आदत और बीमारियों की वजह से मीना कुमारी का शरीर भारी होने लगा था. धर्मेंद्र के लिए वह एक उपयुक्त अभिनेत्री नहीं रह गई थीं. धरम ने मीना के साथ आखिरी फिल्म 1968 चंदन का पालना की. अब ही-मैन धर्मेद्र पर मर मिटने वाली हीरोइनों की कमी नहीं थी. वक्त ने धर्मेंद्र के मन में भी मीना का आकर्षण समाप्त कर दिया था.
धर्मेन्द्र हेमा मालिनी का प्रेम विवाह 

फिर हेमा मालिनी के साथ उनका प्रेम-प्रसंग और विवाह, धर्मेन्द्र- हेमा मालिनी- इन दोनों के बीच प्यार फिल्म 'शोले' के सेट्स पर पनपा. 'शोले' की शूटिंग के दौरान इनके रोमांस की खबरें खूब सुनाई देती थीं। ,तब धर्मेंद्र पहले से शादी-शुदा थे. जब इनकी पत्नी प्रकाश कौर ने इन्हें तलाक देने से इन्कार कर दिया, तब धर्मेंद्र और हेमा ने धर्म परिवर्तित करके 80 के दशक में शादी कर ली.धर्मेन्द्र हेमा के प्यार में इस कदर गुम थे कि उनसे शादी करने के लिए उन्होंने समाज से बगावत की और दुनिया की परवाह छोड़कर हेमा को अपना बनाया.अपने प्रेम-संबंध के प्रति समर्पण का प्रमाण देकर हेमा ने उनकी दूसरी पत्नी बनना भी स्वीकार कर लिया. इनकी शादी का धरम के बड़े बेटे सनी ने खुला विरोध किया था.इस जोड़ी ने एक साथ कुल 27 फिल्में कीं, जिनमें से 16 सुपर हिट रहीं .जब धर्मेद्र ने हेमा मालिनी के साथ सात फेरे लिए, तब तक दोनों एक साथ एक दर्जन से भी अधिक फिल्मों में काम कर चुके थे. बड़े बेटे सनी देओल फिल्मों में आने की तैयारी कर रहे थे. ऐसे में हेमा मालिनी से शादी करने का फैसला करना जरूर बड़ा मुश्किल रहा होगा, लेकिन दोनों ने यह फैसला कर ही लिया. फिल्म शोले के दौरान हेमा मालिनी और धर्मेन्द्र के प्रेम के किस्सों को खुद फिल्मकारों ने भी सच बताया है. फिल्मी पर्दे पर यह जोड़ी चाहे कितनी भी बेहतरीन दिखे पर असल जिंदगी में दोनों अलग-अलग रहते हैं. हेमा मालिनी और धर्मेंद्र की दो बेटियां (एशा देओल और अहाना देओल) हैं. जहां हेमा मालिनी अपनी बेटियों के साथ रहती हैं वहीं धर्मेन्द्र सन्नी और बॉबी देओल के साथ रहते हैं.हेमा मालिनी से विवाह के बाद से ही उनकी पहली पत्नी और दोनों बेटे विरोध करते रहे.आज धर्मेन्द्र दो परिवारों के मुखिया होने के बाद भी इन फासलों को नही मिटा सके.जिसकी एक झलक ईशा की शादी में भी देखने को मिली.
धर्मेंद्र अभिनेता ही नहीं बल्कि निर्माता भी हैं. वर्ष 1983 में धर्मेंद्र ने अपने बड़े बेटे सन्नी देओल को फिल्म बेताब और 1995 में छोटे बेटे बॉबी देओल को बरसात फिल्म का निर्माण कर उन्हें बॉलिवुड में प्रदार्पित किया.
वर्ष 2007 में अपने फिल्म में सन्नी, बॉबी और धर्मेंद्र पहली बार एक साथ पर्दे पर आए.धर्मेन्द्र की तरह ही उनके बेटे सन्नी देओल और बॉबी देओल के साथ उनकी बेटी ईशा देओल भी बहुमुखी प्रतिभा की धनी हैं.

बेहतरीन कलाकार और पिता होने के साथ वह राजनीति में भी सक्रिय रहे हैं. धर्मेन्द्र बीकानेर से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद रह चुके हैं.जुलाई 2011 में कलर्स चैनल पर आने वाले इंडियाज गॉट टैलेंट शो में जज के तौर पर धर्मेंद्र ने छोटे पर्दे पर भी कार्य किया.किसी भी कलाकार के लिए उसका सबसे बड़ा तोहफा उसके प्रशंसकों का प्‍यार और बंधाइयां होती है। धरमजी अपने प्रशंसकों से प्यार करते हैं और अपना फिल्‍मी जीवन जारी भी रखना चाहते हैं. उन्होंने कहा, मैं और ज्यादा अच्छी फिल्में करना चाहता हूं। मैं पोस्टर पर खुद को देखना पसंद करता हूं.दिलीप कुमार उनके प्रेरणा स्त्रोत रहे हैं.धर्मेन्द्र आज भी अपने आप को दिलीप कुमार का सबसे बड़ा फेन मानते हैं.वो हमेशा अपने आप में दिलीप कुमार को तलाश करते.




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                            ''आमिर दुबई.,,,



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28 July 2012 at 06:22

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
--
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (29-07-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

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28 July 2012 at 06:45

बहुत दिलचस्प और यादगार ....
अपनी जवानी के दिन याद आ गए !
आभार!

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28 July 2012 at 11:53

बहुत बढ़िया शानदार प्रस्तुति,,,,
मैंने उनकी लगभग सभी फिल्मे देखी है,,,,वे एक बेहतरीन अदाकार थे,,,,तथा अच्छे शायर भी थे,,,,

RECENT POST,,,इन्तजार,,,

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29 July 2012 at 00:22

भाई आमिर जी.हर कलाकार की एक अपनी ही पहचान होती है,धर्मेंद्र जी भी अपने समय के बाकई ही उम्दा कलाकार थे और रहेंगे.

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29 July 2012 at 09:05

मेरे पसंद के हीरो की चर्चा हो और मैं न पढूं हो ही नहीं सकता मेरे वक़्त के मशहूर हीरो राजेश खन्ना और जीतेंद्र और अमिताभ बच्चन थे किन्तु मैं अपनी किताब में धर्मेन्द्र की फोटो छिपा कर रखती थी तुम्हारी पोस्ट ने दिल का राज खोलने पर मजबूर कर दिया बहुत बहुत अच्छी पोस्ट है हार्दिक बधाई

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30 July 2012 at 03:44

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टि की चर्चा कल मंगलवार को ३१/७/१२ को राजेश कुमारी द्वारा चर्चामंच पर की जायेगी आपका स्वागत है

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30 July 2012 at 03:45

check my comment in spam which i had given twice yesterday.

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31 July 2012 at 04:10

बहुत ही अच्छी पोस्ट लिखी है आपने, इसके लिए आपको बहुत-बहुत बधाई हो...
धर्मेन्द्र बॉलीवुड के ही-मैन थे....
धर्मेन्द्र जी एक बेहतरीन कलाकार और बहुमुखी प्रतिभा के धनि है...

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25 June 2015 at 08:54

मेरा भी सपना यही है

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25 June 2015 at 08:55

मेरा भी सपना यही है

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