पिता की महानता

डियर रीडर्स , पिता के बारे में इतना सुन्दर किसी ने फेसबुक पर लिखा था ,मुझे इसके अल्फाज़ बहुत पसंद आये ,इसलिए इसे शेयर कर रहा हूँ ,ये उसी भाई को समर्पित करता हूँ ,जिन्होंने इसे लिखा।


4 वर्ष की आयु मेँ : मेरे पापा महान है.!
6 वर्ष की आयु मेँ : मेरे पापा सबकुछ जानते है.!
10 वर्ष की आयु मेँ : मेरे पापा बहुत अच्छे
है,लेकिन गुस्सा जल्दी हो जाते है.!

13 वर्ष की आयु मेँ : मेरे पापा बहुत अच्छे थे
जब मैँ छोटा था.!
14 वर्ष की आयु मेँ : मेरे पापा बहुत
तुनक मिजाज के होते जा रहे है.!
16 वर्ष की आयु मेँ : पापा जमाने के साथ
नही चल पाते, बहुत पुराने ख्यालो के
है.!

19 वर्ष की आयु मेँ : पापा लगभग सनकी होते
जा रहे है.!
20 वर्ष की आयु मेँ : हे भगवान अब
तो पापा को झेलना मुश्किल है, पता नही
मम्मी कैसे सहन कर लेती है.!
25 वर्ष की आयु मेँ : पापा तो मेरी हर बात
का विरोध करते है.!

30 वर्ष की आयु मेँ : मेरे
बच्चो को समझाना बहुत मुश्किल है, मैँ
तो पापा से बहुत डरता था.!
40 वर्ष की आयु मेँ : मेरे पापा ने मुझे बडे
अनुशाशनिक तरीके से पाला, मुझे
भी पालना पडेगा अब.!
45 वर्ष की आयु मेँ : मैँ आश्चर्य चकित हु
कि कैसे मेरे पापा ने मुझे बडा किया होगा.?

50 वर्ष की आयु मेँ : जबकि मै
अपनी इकलोती औलाद की देखभाल भी ठीक
तरीके से नही कर पाता.!
55 वर्ष की आयु मेँ : मेरे पापा बहुत
दुरदर्शी थे, वो हमारे भविष्य के बारे मेँ
काफी सोचते थे.!

60 वर्ष की आयु मेँ : मेरे पापा उच्च कोटि के
इन्सान है,जबकि मेरा बेटा मुझे
सनकी समझता है.!
वाकई मेँ मेरे पापा बहुत महान थे.!
पापा महान है इस बात को पुरी तरह समझने के
लिए मुझको पुरे 56 साल लग गये.!

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6 March 2014 at 02:01



आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (07.03.2014) को "साधना का उत्तंग शिखर (चर्चा अंक-१५४४)" पर लिंक की गयी है, कृपया पधारें, वहाँ आपका स्वागत है, धन्यबाद।

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6 March 2014 at 03:47

आपकी यह पोस्ट आज के (०६ मार्च, २०१४) ब्लॉग बुलेटिन -ईश्वरीय ध्यान और मानव पर प्रस्तुत की जा रही है | बधाई

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6 March 2014 at 04:53

बहुत खूबसूरती से लिखा गया हैं..
बहुत सुन्दर..

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6 March 2014 at 05:19

बहुत सुन्दर....

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6 March 2014 at 07:43

बुजुर्गों की बाते आजकल के बच्चों के समझ में नहीं आती ...

बहुत ही सुंदर सटीक सृजन...!

RECENT POST - पुरानी होली.

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6 March 2014 at 17:00

ऐसा ही मैंने मानस वंदन में पढ़ा है |मुझे भी बहुत सही लगा ||
आशा

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7 March 2014 at 10:39

अतिसुंदर...

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