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मेरा धर्म निरपेक्ष भारत

मेरा धर्म निरपेक्ष भारत


हर एक भारतीय नागरिक को अपने विचार प्रकट करने की आजादी है। आज तक मैंने कभी राजनीति के विषय पर नही लिखा। लेकिन राजनीति के विषय पर तरह तरह के लोगों के विचार पढ़े। कोई किसी पार्टी के पक्ष में लिखता है ,किसी के खिलाफ ,कोई किसी के पक्ष में लिखता है ,किसी के खिलाफ। लेकिन ऐसे बहुत कम देखने को मिले जो अपने वतन ,अपने देश की मोहब्बत में कुछ लिखते। देश हित में लिखते। मै एक शुद्ध धर्म निरपेक्ष हूँ, जो सिर्फ एक ही भाषा समझता है और वो है धर्म निरपेक्ष भारत। इसलिए आज से मैंने राजनीति पर लिखना शुरू किया है। और मै जब तक लिखूंगा देश हित में लिखूंगा ,देश के लिए लिखूंगा। और धर्म निरपेक्षता पर लिखकर अपने भारत वासियों को धर्म के नाम पर होने वाली वोट राजनीति से बचाने का प्रयास करता रहूँगा। 
अगले साल चुनाव हैं, देश की जनता देश का भविष्य तय करेगी। लिहाजा हमे वोट देने से पहले एक बार जरुर ये सोचना होगा की हमारा वोट देश हित में है ,या नही। और हमारा वोट उसी समय देश हित में होगा जब हम किसी धर्म निरपेक्ष नेता को वोट देंगे। जो धर्म के नाम पर राजनीति करते हैं , मंदिर मस्जिद के नाम पर राजनीति करते हैं ,उन्हें सत्ता में लाना देश हित में हरगिज नही। इसलिए ऐसे मक्कारों को सत्ता में लाकर अपने देश के टुकड़े ना होने दें। हम किसी भी धर्म के हैं ,लेकिन हम भारतीय हैं ,भारत हमारा देश है ,हमे जो कुछ मिला वो इसी देश से मिला। आज साम्प्रदायिक ताकतें देश को तोडना चाहती हैं। हिन्दू मुस्लिम के नाम पर अपनी राजनीति चमकाना चाहती हैं। ऐसे लोग देश के लिए घातक साबित होते हैं। धर्म निरपेक्ष देश में आज धर्म के नाम पर राजनीति हो रही है। ये हम भारतियों की कमजोरी है ,की आज के नेता हमारे अन्दर फूट डालकर राजनीति करते हैं ,फिर भी हम समझने के लिए तैयार नही। 

देश को तोड़ने वाले बहुत मिलेंगे ,हम सबको देश को जोड़ने की कोशिश करनी चाहिए। वोट देने से पहले सबसे ज्यादा ख्याल इसी बात का रखना चाहिए की वोट किसी सेक्युलर को धर्म निरपेक्ष सोच रखने वाले को देना ही देश हित में है। और भारत के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारा फर्ज बनता है की हम अपने वोट को अपने देश के हित में ही दें। भारत में ज्यादातर लोग धर्म निरपेक्ष ही हैं। कुछ कट्टर पंथियों को छोड़कर सभी सेक्युलर हैं ,और सेक्युलर राज ही चाहते हैं। मेरा वतन मेरा भारत धर्म निरपेक्ष है ,और इसमें बसने वाले भी धर्म निरपेक्ष ही हैं मगर अफ़सोस ये है की धर्म निरपेक्षता की जगह आज साम्प्रदायिकता ने ले ली है। कोई भी पार्टी ऐसी नही बची जिसे धर्म निरपेक्ष कहा जा सके। कोई तीसरा विकल्प ही देश के भविष्य को बदल सकता है। 
मेरा सम्बन्ध सिर्फ एक ही पार्टी से है ,वो पार्टी है मेरा प्यारा वतन ''भारत ''
और मेरा वोट सिर्फ मेरे वतन के लिए है। जो मेरे वतन को जोड़ने का काम करेगा ,धर्मो की दूरियों को खत्म करेगा ,मै सिर्फ उसी को वोट दूंगा ,देश को तोड़ने और दंगे भड़काकर भारत की धर्म निरपेक्षता को खत्म करने वालों के लिए मेरे पास देने के लिए धक्के हैं। इसलिए अपने कीमती वोट देने से पहले सौ बार सोच लीजियेगा।

                                                        ''आमिर अली दुबई,,